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झारखंड: भूमिगत आग के कारण धनबाद-चंद्रपुरा रेललाइन परिचालन बंद किये जाने के बाद, अब कतरास-धनबाद मार्ग को भी खतरा

झारखंड: भूमिगत आग के कारण धनबाद-चंद्रपुरा रेललाइन परिचालन बंद किये जाने के बाद, अब कतरास-धनबाद मार्ग को भी खतरा

सर्वेश तिवारी की रिपोर्ट:

धनबाद कोल इण्डिया लि०, (भारत सरकार की उपक्रम) की अनुषंगी भारत कोकिंग कोल लि के धनबाद में कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण से पूर्व निजी कोयला ठेकेदारों तथा बाद में बीसीसीएल के अधिकारियों द्वारा खान अधिनियम की धजिजयाँ उड़ाते हुए कोयला खनन करने का खामियाजा अब धनबादवासियों को चुकाना पड़ रहा है ၊ कुछ दिन पूर्व 2 व्यक्तियों के जमींदोज होने के बाद तथा धनबाद _ चंद्रपुरा रेल मार्ग पर दर्जनों ट्रेनों के परिचालन बन्द कर दिए जाने के बाद अब स्थिति और भी भयावह होने लगी है ၊ यहाँ सड़क के किनारे आग और गैस तेजी से फैल रहे है. डीजीएमएस (डायरेक्टर जेनरल ऑफ माइंस सेफ्टी) और बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) के सर्वे विभाग की रिपोर्ट की मानें, तो अंगारपथरा के समीप आग सड़क से मात्र 150-200 मीटर की दूरी पर. पांडेडीह में यह 20-25 मीटर की दूरी पर पहुंच चुकी है. यदि जल्द इस दिशा में कार्यवाही नहीं की गयी, तो जानमाल के नुकसान की भी आशंका है. डीजीएमएस व बीसीसीएल की यह रिपोर्ट गुरुवार को सिजुआ क्षेत्र के महाप्रबंधक एके दत्ता को मिली. विभागीय सूत्रों की माने, तो प्रभावित इलाकों के आसपास 50 मिलियन टन कोयला मौजूद है.

एके दत्ता कहते हैं, ‘डिस्ट्रिक्ट बोर्ड रोड तेजी से आग और गैस की चपेट में आ रहा है. दोनों किनारों पर दर्जनों बीसीसीएल आवास के साथ बस्तियां भी स्थित हैं. इन्हें खाली कराने की दिशा में प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है.’

*डीसी रेललाइन के बाद सड़क पर संकट*

बीसीसीएल व जिला प्रशासन ने डेंजर जोन में रह रहे लोगों से अविलंब इलाका खाली कराने के लिए कमर कस ली है. झरिया एक्शन प्लान के तहत कुल 95 बस्तियों व कालोनियों को चिह्मित किया गया है.

इन्हें हर हाल में यहां से हटा कर सुरक्षित स्थान पर बसाना सबसे बड़ी चुनौती है. डीजीएमएस तथा बीसीसीएल के सर्वे विभाग ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि इन इलाकों के नीचे आग और गैस तेजी से फैल रही है. कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है. अगर ऐसा हुआ तो इतनी बड़ी आबादी को सुरक्षित स्थान पर बसाना न सिर्फ कंपनी, बल्कि जिला व राज्य सरकार के लिए भी सिरदर्द साबित होगा.

सड़क डायवर्ट करना ही एकमात्र विकल्प बचा है. सबसे पहले असुरक्षित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाना कंपनी और भारत सरकार का उद्देश्य है.

*एके दत्ता, महाप्रबंधक, सिजुआ क्षेत्र के अनुसार*

डेंजर जोन में रहनेवालों को हटाने की कवायद
विस्थापित होगी हजारों की आबादी
डायवर्सन पर मंथन कर रहा बीसीसीएल
क्षेत्र में 50 मिलियन टन कोयला मौजूद

*विकल्प*

1. बीसीसीएल डायवर्सन पर काम कर रहा है. सूत्र बताते हैं कि नयी सड़क पंजाबी मोड़ से डायवर्ट कर तेतुलमारी में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के पास मिलायेगी. हालांकि इससे कतरासवासियों को कोई फायदा नहीं होगा.
2. मालकेरा भेलाटांड़ कपूरिया मोड़ है. यह सड़क बोकारो-धनबाद मार्ग पर
मिलती है.

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